आज 28.04.2015 की तैयारी बैठक से बहुत अच्छा संदेश मिला है
कि सभी निरीक्षक सामूहिक शक्ति बढाने के लिये पूरी तरह से कृत्संकल्प हैं । जयपुर पदस्थापित
निरीक्षक भाईयों को साधुवाद । साथियों के विचारों से यह तथ्य भी सामने आया कि किसी
- किसी को इस मुहिम से जुड़े कुछ बातों को लेकर भ्रांति है जैसे कि चंदा को लेकर । किसी
भाई का यह विचार कि चंदा लेकर निरीक्षक साथी धन उगाही करेंगे जिसे लगभग सभी ने एक स्वर
में नकार दिया । निश्चित रुप से इतना जल्दी किसी पर आरोप लगाना अपने ओछेपन तथा अपनी
जड़ता का प्रतीक है । उम्मीद और विश्वास के सहारे ही सामूहिकता का विकास होता है । आगे
चलने वालों को यह विचार करना ही होगा कि आज के अविश्वास के युग में विश्वास जगाना बहुत
दुष्कर कार्य है । सोये हुये को जगाना और निश्चल को सक्रिय करना भी कम मुश्किल कार्य
नही है । परन्तु उन्हें यह भी विश्वास होना चाहिये कि बहुतों में उन्होंने आशा
जगाई है । साथ ही स्वयं का विश्वास भी और ज्यादा दृढ़ करना होगा । बहुत जल्दी आहत होने
से काम नहीं चलेगा । जय सहकार ।
सर आपकी अद्यतन टिप्पणियों का इंतज़ार है। कृपया ब्लॉग को नियमित रूप से अपडेट कीजिये। आपकी टिप्पणियों से हम सबको एक साथ जुड़ने का मौका मिलेगा। इस ब्लॉग को पॉपुलर होने में थोडा समय जरूर लग रहा है पर आप इस पर नियमित टिप्पणी करेगे तो ग्रुप में शेयर किया जा सकेगा और दूसरो को इससे जोड़ा जा सकेगा।
जवाब देंहटाएंशुभकामनाओं के साथ
रोहित
सर आपकी अद्यतन टिप्पणियों का इंतज़ार है। कृपया ब्लॉग को नियमित रूप से अपडेट कीजिये। आपकी टिप्पणियों से हम सबको एक साथ जुड़ने का मौका मिलेगा। इस ब्लॉग को पॉपुलर होने में थोडा समय जरूर लग रहा है पर आप इस पर नियमित टिप्पणी करेगे तो ग्रुप में शेयर किया जा सकेगा और दूसरो को इससे जोड़ा जा सकेगा।
जवाब देंहटाएंशुभकामनाओं के साथ
रोहित
रोहित जी
जवाब देंहटाएंआप की बात एकदम सही है कि मैं ब्लोग्ग पर नियमित नहीं रहता हूं परन्तु आप की बात हमेशा की तरह बहुत उत्साहवर्धक रहती है । मार्गदर्शन के लिये धन्यवाद