सोमवार, 27 अप्रैल 2015

सहकारी निरीक्षकों द्वारा व्हाट्स एप पर ग्रुप बनाकर अपने संवर्ग के हितों के लिये एकजुट होने की मुहिम चलाना देखकर बहुत अच्छा लगता है । मन  में दबी कुचली आकांक्षा मूर्त रुप ले रही हो तो मन की मुराद पूरी होने की कहावत चरितार्थ होती प्रतीत होती है । नये साथियों को इस कार्य के लिये साधुवाद ।
अभी 2 मई 2015 को निरीक्षकों के लक्षित एसोशिएसन की पहली बैठक की तिथि नियत की गई है । इस बैठक की सफ़लता के लिये पूर्व तैयारी स्वरूप 28 अप्रैल 2015 को जयपुर पदस्थापित निरीक्षकों की एक संक्षिप्त बैठक आयोजित की जा रही है ।
इस हेतु सभी ने मिलकर विभिन्न जिलों में पदस्थापित साथियों का नाम एवम उनका मोबाइल नम्बर संकलित किया है जिससे सभी से संवाद स्थापित हो सके । मेरे पूरे सेवा काल मे विभिन्न अंचलों के निरीक्षकों का इस तरह स्वयंस्फूर्त होकर जुडना आत्मविभोर करने जैसा है ।
मुझे इस सबमें जो बहुत अच्छी बात लगती है कि इससे आत्म सम्मान बढता है । जरुरी नहीं है कि इससे तात्कालिक लाभ हो परन्तु दीर्घ अवधि में इससे सामूहिक क्षमता निश्चित रुप से बढती है । इसकी सफलता के लिये सभी को अपने मेढकीय स्वभाव को त्यागना, अन्यों को भी महत्त्व देना, सामूहिक  महत्त्व के लिये अपने व्यक्तिगत हित को छोडना तथा सबसे जरुरी अपने राजनीतिक महात्वाकांछा को मर्यादित रखना होगा । जय सहकार ।



 

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